Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शरीर में बढ़ा हà¥à¤† कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ आपकी किडनी को खराब कर सकता है
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अगर शरीर में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का लेवल बढ़ा हà¥à¤† है तो इसे हलà¥à¤•े में न लें. à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अपने खानपान में सà¥à¤§à¤¾à¤° करें. खाने नें सोडियम और नमक का सेवन कम करें. अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते हैं तो इसको à¤à¥€ कम कर दें.
बार-बार यूरिन आना किडनी में बीमारी का है संकेत
जब लोगों को यूरिन करते समय कोई परेशानी होती है या यूरिन कम आता है, तो वे डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इसकी जांच कराते हैं. किडनी के टेसà¥à¤Ÿ में कई मरीजों के शरीर में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ (Creatinine )बढ़ा हà¥à¤† आता है,लेकिन अधिकतर लोगों तो यह जानकरी ही नहीं होती है कि कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ होता और इसके बढ़ने के कà¥à¤¯à¤¾ साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ हैं. डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हमारे शरीर में जमा होने वाली गंदगी को किडनी (Kidney) यूरिन के माधà¥à¤¯à¤® से बाहर कर देती है. कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का वेसà¥à¤Ÿ होता है, जो कई बार किडनी के जरिठकà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ निकल नहीं पाता है और ये शरीर में बढ़ता रहता है. अगर सही समय पर इसके इलाज़ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिठजाà¤, तो ये किडनी को खराब कर सकता है.
सफदरजंग हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ विà¤à¤¾à¤— के डॉ. हिमांशॠकà¥à¤®à¤¾à¤° बताते हैं कि जो लोग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन करते हैं और जिनको हाई बीपी कि शिकायत होती है. उनके शरीर में ये परेशानी हो सकती है. यूरिनरी टà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने से à¤à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ सकता है. अगर यूरिन कम आ रहा है तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल बढ़ गया है. à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त जांच कराना जरूरी होता है.
वरिषà¥à¤ फिजिशियन डॉ. कमलजीत सिंह के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इसका पता नहीं चलता है, लेकिन जब यूरिन से संबंधित परेशानियां होने लगती हैं. तब ये संकेत होता है कि शरीर में कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का लेवल बढ़ गया है. इससे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सांस फूलना, बार-बार पेशाब आना, बैचेनी महसूस होना और कई मामलो में उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ आ सकती है. लोगों में उनकी उमà¥à¤°, वजन और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के हिसाब से कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ का लेवल अलग-अलग हो सकता है, लेकिन अगर ये निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ मानक से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है तो किडनी से संबंधित बीमारियों का कारण बन सकता है.
इन बातों का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
आप हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहें. दिन में कम से कम आठगà¥à¤²à¤¾à¤¸ पानी पीà¤à¤‚. इससे किडनी सही पà¥à¤°à¤•ार से काम करेगी और इससे संबंधित बीमारियों के होने की आशंका à¤à¥€ कम रहेगी. खाने नें सोडियम और नमक का सेवन कम करें. अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते हैं तो इसको कम कर दें. अगर कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल बढ़ गया है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें.
| --------------------------- | --------------------------- |